viral fever symptoms and treatment in hindi

Viral Fever Symptoms And Treatment In Hindi:-शरीर में किसी भी रोग के होने से पहले यदि आपको बुखार आता है ,तो यह संकेत है कि आपके शरीर में जल्द ही कोई गंभीर और अनचाही बिमारी होने वाली है|इसके अलावा कई बार यह बुखार आपको दूषित खानपान, मौसमी परिर्वतन के कारण या फिर थकान के कारण भी हो सकता है ऐसे में आपको जरुरत है कि आप ऐसे रोगो को लेकर पूरी तरह से जागरुक रहें , और पहले से ही इसके बचाब के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें….

क्या होता है वायरल फीवर

मौसमी परिवर्तन के कारण शरीर में कई उतार चढ़ाव होने लगते है जिसकी वजह से शरीर में कई संक्रमित वायरस प्रवेश कर जाते है ,यही वायरस शरीर की इम्यूनिटी पॉवर को कमजोर कर देते है| जिसके परिणामस्वरुप शरीर में कई दिनों तक रहने वाला ये वायरल फीवर या बुखार होने लगता है|

वायरल फीवर होने के लक्षण-(Viral Fever Symptoms And Treatment In Hindi)

  • तेज सिरदर्द
  • शरीर के तापमान में बदलाव
  • थकान महसूस होना
  • हाथ पैरों में दर्द
  • मांसपेशियों में खिचांव और जकड़न
  • जीभ का स्वाद बिगड़ना
  • भूख ना लगना

शरीर में इन तीन बदलावों के कारण होता है वायरल फीवर

  • मौसमी परिवर्तन के कारण
  • इन्फेक्शन के कारण
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण

जाने क्या है वायरल फीवर का उपचार

  • लहसून की 5-6 कलियां ले इसको शुध्द देसी घी या तिल के तेल में हल्का भूने और रोगी के खानें के लिए दें |वायरल फीवर के हानिकारक फंगल इन्फेक्शन का असर रोगी पर से कम होने लगेगा|
  • पुदीने और अदरक का काढ़ा बनाकर रोगी को सुबह शाम पिलायें |(Viral Fever Symptoms And Treatment In Hindi) इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण आपको वायरल फीवर के प्रभाव में आने बचाएंगे|
  • वायरल फीवर से पीडित रोगी को मैथी के दानों का पानी रोज सुबह शाम पीने दे लिए दें, पीड़ित को फीवर में आराम मिलेगा|
  • नींबू और शहद को मिलाकर अगर रोगी को इसका नियमित सेवन करवाया जाएं तो वायरल फीवर में उसे लाभ होता है|
  • हल्दी और सौंठ का पानी रोगी को तब तक पिलाएं जब तक उसका फीवर कम ना होने पाएं |
  • तुलसी के पत्तों में एंटीबेक्टीरीयल गुण मौजूद होते है जो कि रोगी के शरीर में मौजूद इन्फेक्शन के असर को कम करने में मदद मिलता है, नियमित तुलसी के पत्तों की चाय सुबह और शाम पीने से आपको वायरल फीवर से निजात मिलेगा |

मौसम में बदलाव लोगों के लिए लेकर आता है कई प्रकार के इन्फेक्शन और वायरस जो कि आपके शरीर में प्रवेश करने पर आपकी बॉडी की इम्यूनिटी पॉवर को कमजोर कर देते है |जिसके बाद आपके शरीर में कई बदलाव होने लगते है जैसे-सिरदर्द, लाल आंखे होना , हॉथ पैरों में दर्द , मांसपेशियों और हड्डियों में सूजन के साथ दर्द आदि|

(Viral Fever Symptoms And Treatment In Hindi) वातावरण में प्रदूषण के हानिकारक तत्वों के प्रवेश के कारण और इन्फेक्टिड वायरस के कारण आपकी सेहत पर इसका कोई असर ना पड़े | इसके लिए पढ़ते रहिए हमारे द्वारा शेयर किए आर्किटल्स

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हेलो दोस्तो, मैं हिना खान Health Sagar से , ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे हैल्थ सागर के माध्यम से आप लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला |मैं PHD नुयूट्रीशियन हूं और हेल्थ से जुड़े काफी विषयों पर मैंने अध्धयन भी किया है, हैल्थ सागर के रुप में मुझे अपने अनुभव और ज्ञान को लोगो तक पहुंचाने का अवसर मिला है| मुझे यकीन है की यहां शेयर किए गए हेल्थ से जुड़े सभी विषय सूचनात्मक और अध्ययनकारी है, जिसे पढ़कर आपको भी बहुत ही लाभ मिलेगा | धन्यवाद

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