Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi

Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi:- डेंगू के कारण, लक्षण और बचाव अगर देखा जाये तो हमारे आस पास चारों तरफ रोग और रोगियों की कमी नहीं है, जितने नए रोग होते हैं, उतने नए उपचार लेकिन सबसे आसान तरीका है रोग की रोकथाम, जो हम रोग होने से पहले ही कर सकते हैं | डेंगू जो आज के समय में एक महामारी का रूप ले चुका है, लाखों लोग हर साल इस रोग की चपेट में आकर अपनी जान गवाते है, जानते है को डेंगू है एक महामारी और क्या होता है इस बीमारी में –

डेंगू एडीज़ एजिप्टी नमक मच्छर के काटने से उत्पन्न होने वाला एक रोग है, यह मच्छर एक विषाणु शरीर में छोड़ देता है, जिसमे हमारे शरीर में रक्त कणिकाओं (प्लेटलेट्स ) की संख्या कम  होने लगती है, तथा हमारे शरीर में रक्त की कमी होने लगती है| और जान जाने का जोखिम बढ़ जाता है |

ऐसा भी नहीं है की डेंगू होने से हमेशा ही रोगी को जान का खतरा बना रहता है, कई मामलों में डेंगू से हल्का बुखार भी होता है, आइये जानते है कितने तरह का होता है यह बुखार –

डेंगू बुखार तीन तरह के होता है-

साधारण (क्लासिकल) डेंगू बुखार (Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi)

इस स्तिथि में ठण्ड लगने के साथ तेज बुखार आता है, और बाकी डेंगू के सारे लक्षण होते हैं |

इस स्तिथि में डेंगू पर काबू पाया जा सकता है,(Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi) यह मच्छर के काटने के बाद की सामान्य अवस्था होती है, जिस पर आप समय रहते काबू कर सकते हैं|

हॅमरेजिक डेंगू बुखार (माध्यम स्तर)

इस डेंगू बुखार में रोगी को उल्टी और शौच के साथ खून आता है, एवं मसूड़ों में से भीखून आने लगता है |

इस स्तर पर आप रोगी के लक्षण देख कर उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाये, सही समय पर सही इलाज से आप इस पर नियंत्रण पा सकते हैं|

शॉक सिंड्रोम डेंगू बुखार ( उच्च स्तर )

इस स्तिथि में मरीज़ शोक की स्तिथि में रहता है, बहुत ज्यादा बेचैनी के साथ शरीर ठंडा रहता है | एवं रोगी की नाड़ी ऊपर नीचे एवं उसका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाता है | यह स्तिथि डेंगू की लास्ट  स्टेज कह सकते हैं, इस स्तिथि में रोगी के बचने के आसार काफी कम हो जाते हैं | अतः सही समय पर इस रोग का इलाज़ कर इस पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं |

वैसे तो यह रोग हड्डी तोड़ (ब्रेक बोन ) रोग के नाम से भी जाना जाता है, इस रोग के लक्षण कुछ ही समय में स्पष्ठ दिखाई देने लगते हैं -(Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi)

डेंगू के लक्षण –

१.तेज बुखार के साथ सिर दर्द

२. जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द

३. शरीर पर लाल दाने

४. पेट में दर्द, दस्त, उल्टी और चक्कर आना

५. भूख न लगना

६. आँखों में दर्द व् गले में खराश

अगर इनमे से कोई भी लक्षण आपको दिखाई देते हैं तो तुरंत नज़दीकी चिकित्सक के पास जाकर डेंगू की जांच कराये, इसके लिए आपको NS1 (एन एस १) टेस्ट करना हैं, जिसके रिजल्ट से आपको पता लग जायेगा की मरीज़ को डेंगू हुआ हैं अथवा नहीं | सही समय पर इस रोग की सही जानकारी के साथ हम भी इस भयंकर रोग को हरा सकते हैं | वैसे तो अभी तक डेंगू के उपचार की कोई प्रत्यक्ष दवाई नहीं आई हैं फिर भी कई ऐसे तरीके, और उपचार हैं जिनसे हम इस भयंकर बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं |

Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi

डेंगू से बचाव के उपाय

1. डेंगू के मच्छर पानी में होते हैं, घर के आस पास कहीं भी पानी जमा न होने दे |

2. मछरदानी का प्रयोग करें

3. मच्छरों को दूर रखने के लिए कीटनाशक एवं कोइल का उपयोग करें |

4. कपूर की पोटली हमेशा अपने पास रखें |

5. अपने घर में तुलसी का पेड़ जरूर लगाए, इसकी खुशबु से मच्छर घर में नहीं आते |

डेंगू रोग की रोकथाम

1. रोगी को लगातार तरल चीज़ें जैसे नारियल का पानी, तजा जूस और सूप पिलाएं |

2. संतरे का जूस और विटामिन C युक्त भोजन का सेवन करें |

3. पपीते का सेवन करें, यह रक्त प्लेटलेट्स बनाने में मदद करता हैं |

4. सादा आहार (खिचड़ी) आदि का सेवन करें एवं ऑयली खाने से परहेज़ करें |

5. दिन में ३ बार गिलोय का पानी पिए |

6. एस्पिरिन सम्बंधित दवा न ले |

डेंगू से बचाव ही इससे सुरक्षा है –

  • खान पान का ख्याल रखें जैसे अच्छा खाएं, अच्छा पीएं और पर्याप्त नींद ले।
  • नाक मैं सरसों का तेल लगाकर रखें जो, वक्तरिया को अंदर जाने से रोकता है |
  • खाने में हल्दी का इस्तेमाल ज्यादा करें।
  • तुलसी का काढ़ा पियें ,आठ-दस तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ मिलाकर लें और इसका सेवन करें|
  • विटामिन-सी से भरपूर चीजों का ज्यादा सेवन करें जैसे संतरे का जूस, आंवले का मुरब्बा आदि|
  • इस बीमारी से स्वयं को बचने के लिए फिजिकली फिट, मेंटली स्ट्रॉन्ग और इमोशनली बैलेंस रखें।

(Dengue Se Bachne Ke Upay In Hindi) अपने और अपने करीबियों को डेंगू से सुरक्षित रखें | पूरी जानकारी के लिए हमर आर्टिकल जरूर पढ़े और शेयर करें| अगर आपके पास भी डेंगू के उपचार के तरीके हैं तो कमेंट मैं हमें लिख भेजे |

SHARE
हेलो दोस्तो, मैं हिना खान Health Sagar से , ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे हैल्थ सागर के माध्यम से आप लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला |मैं PHD नुयूट्रीशियन हूं और हेल्थ से जुड़े काफी विषयों पर मैंने अध्धयन भी किया है, हैल्थ सागर के रुप में मुझे अपने अनुभव और ज्ञान को लोगो तक पहुंचाने का अवसर मिला है| मुझे यकीन है की यहां शेयर किए गए हेल्थ से जुड़े सभी विषय सूचनात्मक और अध्ययनकारी है, जिसे पढ़कर आपको भी बहुत ही लाभ मिलेगा | धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here