harniya bimari ka ilaj in hindi

Harniya Bimari Ka Ilaj In Hindi:-हार्निया एक बेहद जानलेवा और पीड़ादायक बिमारी है ,जो कि पेट से जुड़ी है |मानव शरीर के कुछ भाग खोखले होते है जो कि पेट के अन्दर चमड़े की झिल्ली से ढके रहते है |इन्ही झिल्लियों के फट जाने के कारण जो अंग शरीर से बाहार आने लगते है |उनको हम हर्निया रोग के नाम से जानते है |शरीर के इन खोखले स्थानों को हम बॉडी केविटी भी कहते है | यह रोग हर्निया के स्थान पर एक गोल उभार होना, कुछ उतरने जैसा अनुभव होना , उभार होने पर उसमें आंत कुंजन सुनाई देना और थरथपाने पर सुनाई देना जैसी क्रियाएं इसमें होती है |

हर्निया रोग के प्रकार (Harniya Rog Ke Prakar)

इनगुइनल, हाइटल, अम्बिलिकल, इंसिजनल, स्पोर्टस आदि|

हर्निया रोग के घरेलू उपचार – (Harniya Bimari Ka Ilaj In Hindi)

  • मार्श मेलो एक जगंली औषधि है जिसमें पेट आंत में बनने वाले एसिड को खत्म करने के गुण पाएं जाते है, ये औषधि एक मीठा तना होता है |
  • बबूने का फूल पेट के रोगों में शरीर को आराम देता है , बबूने का फूल पेट की गैस और कब्ज आदि रोगो से आपकी रक्षा करता है |
  • अदरक की जड़ हर्निया ,समेत पेट के सभी रोगों में गुणकारी साबित होती है ,(Harniya Bimari Ka Ilaj In Hindi) ये हर्निया के दर्द में भी असरदार साबित होती है|
  • मुलैठी पेट से जुड़ी और इंफेक्शन समेत सभी सक्रंमित बिमारियों से आपकी रक्षा करने में लाभकारी होती है,इसके नियमित सेवन से पेट से हर्निया निकालने में आराम मिलता है |
  • बर्फ से हर्निया वाली जगह पर कुछ देर सिकाई करें आपको हर्नियां से रोग में लाभ मिलेगा|
  • सेब का सिरका भोजन के एक घंटे बाद पीयें आपको हर्निया रोग में लाभ मिलेगा|
  • भोजन में शाम के समय केले को जरुर शामिल करें |
  • भोजन में गेहूं के आटे की जगह जौ का आटा इस्तेमाल करें आपको हर्निया रोग से राहत मिलेगी |
  • मैथी दाना और दालचीनी का सेवन करना शुरु करें आपको हर्निया रोग में आराम मिलेगा |
  • दोपहर के भोजन के बाद थोड़ा सा काला जीरा चबाचबाकर खायें आपको हर्निया से मुक्ति मिलेगी|

हर्निया के लक्षण (Harniya ke Lakshan)

  • मांसपेशियों में खिंचाव
  • खड़े होने और भारी उठाने पर दर्द महसूस होना
  • चमड़ी के नीचे फूलावट
  • पेट की चर्बी और आंतों का बाहर आना
  • मल मूत्र जैसी दैनिक क्रियाओं में परेशानी

हर्निया रोग को ठीक करने के उपायें-

हर्निया रोग रोकथाम –(Harniya Bimari Ka Ilaj In Hindi)

  • वजन को ना बढ़ने दें
  • कब्ज से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें
  • आहार में तरल पदार्थो का ज्यादा सेवन करें
  • अत्यधिक वजन और भार उठाने से बचें
  • शराब , धूम्रपान और गुटखों इत्यादि का सेवन बंद करें
  • मल त्याग और पेशाब में अत्यधिक जोर लगाने से बचे

हर्निया रोग बेहद खतरनारक रोग है|  इसमें कोई शक नहीं है , लेकिन छोटे बच्चों में या हर्निया के साधारण मामलों में हर्निया वाली जगह पर चीरा लगाकर या सूजन वाले भाग को भीतर से धागे से रिपेयर कर दिया जाता है। इसके बाद अगर रोगी को आराम नहीं मिलता , तो फिर ऑपरेशन ही इसका अन्तिम और सरल उपाएं माना जाता है | आमतैर पर ऐसे रोगी ऑपरेशन के बाद पूरी तरह 1 से 2 महिने में ही ठीक हो पाते है|  |हर्निया के करीब 90 फीसदी मामलों में यह रोग दोबारा होने की गुंजाइश नहीं रहती, लेकिन 10 प्रतिशत मामलों में यह रोग दोबारा उत्पन्न ना होने पाएं इसके लिए आप हमारे बताएं इन नुस्खों और उपायों को अपनाकर इसे कम कर सकते है |

(Harniya Bimari Ka Ilaj In Hindi) लेकिन आज हम आपको बिना ऑपरेशन की सिरदर्दी लिये के और बिना एक भी पैसा खर्च किए कैसे आप इस जानलेवा रोग से छुटकारा पा सकेंगे ………तो जुड़े रहिए हेल्थ सागर से

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हेलो दोस्तो, मैं हिना खान Health Sagar से , ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे हैल्थ सागर के माध्यम से आप लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला |मैं PHD नुयूट्रीशियन हूं और हेल्थ से जुड़े काफी विषयों पर मैंने अध्धयन भी किया है, हैल्थ सागर के रुप में मुझे अपने अनुभव और ज्ञान को लोगो तक पहुंचाने का अवसर मिला है| मुझे यकीन है की यहां शेयर किए गए हेल्थ से जुड़े सभी विषय सूचनात्मक और अध्ययनकारी है, जिसे पढ़कर आपको भी बहुत ही लाभ मिलेगा | धन्यवाद

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