muh ke cancer ka ilaj in hindi

Muh Ke Cancer Ka Ilaj In Hindi:- मुंह के अन्दर ऐसे घाव और जख्म जो कि शराब और धूम्रपान की वजह से होते है उनको मुंह का कैंसर कहते है |50 वर्ष की आयु से ज्यादा वाले पुऱुषों में मुंह का कैंसर ज्यादा पाया जाता है|भारत में एक लाख लोगो पर 20 फीसदी लोग इस मुंह के जानलेवा कैंसर से पीड़ित है|मुंह के कैंसर का इलाज सर्जन, विकीरण और मेडिकल आन्कोलाजिस्ट,दन्त चिकित्सक,आहार विशेषज्ञ जैसे दल इस रोग का इलाज करते है|आमतौर पर मुंह के कैंसर में गले , होठ ,जीभ ,तालू और साइनस पर यह कैंसर अपना प्रभाव डालता है|मुंह के कैंसर से जुड़े और कई कैंसर स्कवैमस जैसे सेल कार्सिनोमा, वेरुक्सास कार्सिनोमा,लघु लार ग्रंथि कार्सिनोमा,लिम्फोमा,ल्यूकोप्लाकिया और एरिथ्रोपेलिकिया कैंसर भी पाएं जाते है|

मुंह के कैंसर के कारण

    • धूम्रपान
    • तंबाकू
    • शराब
    • अनुवांनशिक कारण
    • मानव पैपिलोमाविरुस
    • ऑरोफारेंजियल सकुअमॉस सेल कार्सिनोमा

मुंह के कैंसर के लक्षण और चरण-(Muh Ke Cancer Ka Ilaj In Hindi)

मुंह का कैंसर पांच चरणों में आपको परेशान कर सकता है –

  1. पहला चरण- कैंसर का पहला चरण आपको यह बताता है कि कैंसर आपके मुंह में कहां तक फैला|
  2. दूसरा चरण- दूसरा चरण यह बताता है कि कैंसर छोटा है और कहीं भी फैला नहीं|
  3. तीसरा चरण- कैंसर का तीसरा चरण यह बताता है कि कैंसर बड़ा हो गया लेकिन फैला नहीं|
  4. चौथा चरण- चौथा चरण आपकी ये जानने में मदद करता है कि कैंसर बड़ा होकर आसपास के ऊतकों में कितना फैला या नहीं|
  5. पांचवा चरण- पांचवा और अन्तिम चरण आपकी ये जानने में सहायता करता है कि जहां से यह फैला था वहां से अन्य अंगो तक फैला या नहीं|

मुंह के कैंसर का पता कैसे लगाएं-(Muh Ke Cancer Ka Ilaj In Hindi)

  • कैंसर के इलाज के लिए निम्न टैस्ट करवाएं  जैसे- एक्स रे , अल्ट्रासाउंड ,एमआरआई स्कैन, सीटी स्कैन और पॉजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी टेस्ट आदि|
  • शारिरीक परीक्षा से कैंसर का इलाज करें जिसमें दंत चिकित्सक मुंह में असंमानाताएं जांचने के लिए होंठों और मुंह की जांच करेंगे जैसे जलन के क्षेत्र , घावों और पेचों की जांच आदि|
  • मुंह का कैंसर का पता लगाने के लिए डाक्टर बायोप्सी विधि को भी अपनाते है इसमें दंत चिकित्सक मुंह की कोशिकाओं का एक हिस्सा निकालकर उसकी जांच करता|

मुंह के कैंसर का इलाज-

  • सर्जरी –मुंह के कैंसर को खत्म करने के लिए कैंसर वाले ऊतको को हटा दिया जाता है, ऐसा गले से लेकर गर्दन तक के कैंसर में किया जाता है|
  • विकीरण थैरेपी-यदि आप कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में होते है तब इस विकीरण थैरेपी को अपनाया जाता है विकीरण थैरेपी का इस्तेमाल सर्जरी के बाद किया जाता है ,कभी कभी इसे कीमोथैरेपी और विकीरण थैरेपी के साथ ही जाता है|
  • कीमोथारेपी- इस थैरेपी में कोशिकाओं को मारने के लिए रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, कैंसर की अन्य दवाओं के साथ संयोजन बनाने के लिए कीमोथैरेपी का उपयोग किया जाता है|  

धूम्रपान , गुटखा , शराब और सिगरेट का सेवन करने वाले 50 वर्ष से ज्यादा आयु के पुरुषों में यह रोग ज्यादा होता है |जिसमें गले , मुंह , मसूडों और तालू के आसपास के हिस्सों में जख्म ,सफेद धब्बे और गांठे होने लगती है |मुंह के इस जानलेवा कैंसर का कारण खान पान में असुविधा और अनुवांशिकता भी हो सकती है|समय पर इसका इलाज और देखभाल ना किये जाने पर ये रोग नासूर बन जाता है|

(Muh Ke Cancer Ka Ilaj In Hindi) आज हमने आपको बताएं जानलेवा मुंह के कैंसर से बचने के उपाएं जो कि आपकीमुंह के कैंसर से लड़ने मे मदद करेंगे…ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए आप पढ़ते रहिए हैल्थ सागर पर पोस्टिड सभी पोस्ट

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हेलो दोस्तो, मैं हिना खान Health Sagar से , ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे हैल्थ सागर के माध्यम से आप लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला |मैं PHD नुयूट्रीशियन हूं और हेल्थ से जुड़े काफी विषयों पर मैंने अध्धयन भी किया है, हैल्थ सागर के रुप में मुझे अपने अनुभव और ज्ञान को लोगो तक पहुंचाने का अवसर मिला है| मुझे यकीन है की यहां शेयर किए गए हेल्थ से जुड़े सभी विषय सूचनात्मक और अध्ययनकारी है, जिसे पढ़कर आपको भी बहुत ही लाभ मिलेगा | धन्यवाद

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