(Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi

Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi:– नवम्बर का महीना ख़तम हो गया हैं, और अब आ गया हैं दिसंबर| कड़कड़ाती ठण्ड बदलता मौसम और प्रदूषित वातावरण ऐसे में सर्दी, जुखाम , फ्लू से अपने आपको कैसे बचाएं|अगर आप भी इसी चिंता में हैं तो अपनी चिंता को भूल जाइये क्योकि हम आपके लिए कुछ ऐसे नुस्खे लेकर आये हैं जिनके इस्तेमाल से सर्दी और जुखाम आपको छू भी नहीं पायेगा|

कारण – अगर आप भारत में रहते हैं तो यहाँ के बदलते मौसम और परिवश से भली भाँती परिचित होंगे| जब मौसम सर्दी से गर्मी में परिवर्तित होता हैं तो हमारे शरीर में भी कई तरह के बदलाव होते हैं, लेकिन जब हमारा शरीर इस बदलाव को पूरी तरह ग्रहण नहीं कर पाता तो इसके दुष्प्रभाव हम पर दिखने लगते हैं|

लक्षण – इस मौसम में अक्सर बहार और अंदर के तापमान का शरीर के तापमान से अलग होने के कारण कई तरह के रोग होने लगते हैं|

सर्दी जुखाम के लक्षण – (Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi)

1. सर्दी – तेज सर दर्द एवं नाक का बहना

2.खांसी – गले में खरास , बात करने में परेशानी

3. जुखाम – सर्दी और खांसी की एक साथ समस्या

4. फ्लू – वायरस एंड वेक्टेरिया संबंधी रोग, जो किसी संक्रमित वास्तु या व्यक्ति के सम्पर्क में आने से हो जाता हैं | चक्कर, सर दर्द एवं सर्दी – जुखाम आदि |

जहाँ समस्या हैं तो समाधान भी जरूर होता हैं |

हमारे ऋषि मुनियों ने कई हज़ारों वर्षों तक शोध करके आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से इन सब रोगों के उपचार की विधि का वर्णन किया हैं | आयुर्वेद के खजाने  से हम आपके लिए कुछ अनमोल उपाय लेकर आये हैं , जो इस जाड़े के मौसम में आपको रखेंगे स्वस्थ, दुरुस्त एवं तंदुरुस्त |

जुखाम से बचाव के आसान उपाय : (Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi)

अजवायन और गुड़ का काढ़ा

(Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi) आप एक गिलास पानी लीजिये में एक चम्मच अजवायन डालकर रखिये, अब इसमें  चार गुना ज्यादा गुड डालकर मध्यम आंच पर उबाले जब आधे से भी कम पानी बच जाये तब इस काढ़े को छान कर पियें | सर्दियों मैं आप रोज इसका सेवन कर सकते हैं, आपको लाभ होगा |

2. अदरख और तुलसी के पत्ते का काढ़ा :

तुलसी के कुछ पत्ते लीजिये और ताजा अदरख दोनों ही सर्दी के शर्तिया उपचार के लिए जाने जाते है, 

(Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi) इनके उपयोग से हमें  जुखाम से तुरंत राहत मिलती है। एक कप गर्म पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां डाल दें और उसमें अदरख को बारीक पीसकर मिला दीजिये, आप चाहे तो इसमें हल्दी भी मिला सकते हैं| और उसे कुछ देर तक मध्यम आंच पर उबलने रख दे और उसका काढ़ा बना ले। जब पानी अपनी प्राम्भिक मात्रा से बिल्कुल आधा रह जाए तो इसे  आंच से उतार कर छान ले, आप धीरे-धीरे इसका सेवन करे। यह नुस्खा आपके पूरे परिवार के लिए लाभदायक है |

अदरख और तुलसी के पत्ते का काढ़ा

3. सरसों का तेल

सर्दियों के दिनों में सरसों के तेल की एक-एक बूंद नाक के नथुनों में डालने से आपकी बंद नाक खुल  जाती  है| यह क्रिया अक्सर रात में करे| हर रोज सरसों का तेल इस्तेमाल करने से आप जुखाम से निजात पा सकते हैं|

अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं तो आप उसकी छाती की रोज सरसों के तेल से मालिश करें, निमोनिया आदि बीमारियों से सुरक्षित रहेगा|

4. इलायची, दालचीनी, जीरा

अगर आपकी  नाक बंद हो गई  है तो काली मिर्च, इलायची, दालचीनी और जीरे को बराबर मात्रा मे एक साथ ले, और किसी एक  सुत्ती कपड़े में बाँध कर  एक पोटली बना ले, अब इस पोटली को बार बार सूँघे, इससे आपको छींक आने लगेगी और बंद नाक तुरंत खुल जाएगी|

5. काली मिर्च एवं शहद

(Sardi Khansi Ka Ilaj In Hindi) अगर आप तेज खांसी से पीड़ित है तो, एक चम्मच शहद में थोडी सी पीसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डालें और मिश्रण को अच्छी तरह मिलकर  इसका सेवन करें|

अगर आपको खासी बहुत ज्यादा आ रही हो तो कुछ साबुत काली मिर्च के दाने ले, और इसमें थोड़ी सी मिश्री मिलकर इसे मुँह में रखें और चूसें इससे आपको आराम मिलेगा|

जुखाम से तुरंत राहत पाने के सरल और कारगर उपाय :

  • बंद गले के लिए गरम पानी में नमक डालकर गरारे करें|
  • जुखाम होने की स्तिथि में ऊपर बताये गए काढ़े का सेवन करें|
  • सर्दी से बचने के लिए धुले हुए ऊनी कपडे पहने अवं सरसों के तेल का इस्तेमाल करें|
  • तुरंत राहत के लिए गरम पानी में कपूर या विक्स डालकर भाप ले|
  • गर्माहट में रहे, और कानो को ढककर ही बाहर निकले|

इन चीजों से परहेज़ करें  :

  • रात में चावल एवं दही, मठे का सेवन न करें
  • चटनी एवं खटाई वाली चीज़ों से परहेज़ करें |
  • ठन्डे पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक एवं आइस क्रीम आदि का सेवन न करें |
  • ज्यादा छेनी का प्रयोग न करें , इसके स्थान पर आप गुड़ का उपयोग कर सकते हैं |

सर्दी – जुखाम से रहत के लिए आसान प्राणायाम

1. अनुलोम विलोम प्राणायाम

यह एक बहुत  ही सरल प्राणायाम हैं इसमें आप अपने अंगूठे से अपनी नाक के एक छिद्र को बंद का लीजिये और और दूसरे छिद्र से सांस लीजिये और छोड़िये, अब यह क्रिया नाक के दुसरे छिद्र से करें|

सुबह की हलकी धुप में नियमित अभ्यास से आप जुखाम से दूर रहेंगे|

2. भस्त्रिका प्राणायाम – इस शब्द का अर्थ होता हैं धोकनी|

इस प्राणायाम में आप रीढ़ की हड्डी को सीधा करके आसान में बैठे, अब अपने नासिका छिद्रों  से तेज गति  से सांस ले एवं सांस छोड़ें| इस क्रिया को दोहराएं| यह प्राणायाम करते वक़्त आपकी छति स्थिर होना चाहिए, एवं आपका पेट गतिमान होना चाहिए|

काम से काम 20 बार यह प्राणायाम करने से पूरे शरीर में ऑक्सीजन का प्रसार होता हैं| फेफड़ें मज़बूत होते हैं एवं पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह होता है|

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हेलो दोस्तो, मैं हिना खान Health Sagar से , ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे हैल्थ सागर के माध्यम से आप लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला |मैं PHD नुयूट्रीशियन हूं और हेल्थ से जुड़े काफी विषयों पर मैंने अध्धयन भी किया है, हैल्थ सागर के रुप में मुझे अपने अनुभव और ज्ञान को लोगो तक पहुंचाने का अवसर मिला है| मुझे यकीन है की यहां शेयर किए गए हेल्थ से जुड़े सभी विषय सूचनात्मक और अध्ययनकारी है, जिसे पढ़कर आपको भी बहुत ही लाभ मिलेगा | धन्यवाद

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